दोस्तों,ये एक बेहद साधारण कविता है जो हर प्रेम में नाखुश आदमी सोचता है...
आशा है आप सब मेरे भावों को महसूस कर पाएँगे...
कोमल शब्दों से मैंने थोडा व्यंग्य करना चाहा है...
कहीं आपकी नज़रों से छूट न जाए...
निवेदन करता हूँ...
आशा है आप सब मेरे भावों को महसूस कर पाएँगे...
कोमल शब्दों से मैंने थोडा व्यंग्य करना चाहा है...
कहीं आपकी नज़रों से छूट न जाए...
निवेदन करता हूँ...
this one really shows......love helps in writing!!!
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